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देश के 90% हिस्से से गायब हुए मानसूनी बादल, अब सताएगी गर्मी

➤ शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे चार घंटे बाद बहाल, जनोगघाट में लैंडस्लाइड से बंद था रास्ता
➤ अगले पांच दिन कमजोर रहेगा मानसून, 12 सितंबर तक बारिश का कोई अलर्ट नहीं
➤ मानसून में अब तक 1,423 करोड़ की संपत्ति का नुकसान और 283 लोगों की मौत


शिमला।  मौसम विभाग (IMD) की नई सैटेलाइट तस्वीरों में देश के करीब 90 फीसदी हिस्से में बादल गायब नजर आ रहे हैं। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बादलों की कमी अधिक दिखाई दे रही है। मौसम की यह तस्वीर मानसून की कमजोर होती गतिविधि की ओर इशारा कर रही है।

 हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के बीच राजधानी शिमला को किन्नौर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-5 मंगलवार सुबह करीब चार घंटे बाद बहाल कर दिया गया। ठियोग के जनोगघाट में लैंडस्लाइड और देवदार के तीन बड़े पेड़ गिरने के कारण हाईवे सुबह करीब पांच बजे बंद हो गया
shimla-kinnaur-national-highway-restored-monsoon-weather-update था। इससे सुबह के समय हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के बाद यातायात बहाल किया गया।

वहीं, सोमवार रात कुछेक स्थानों पर तेज बारिश के बाद प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। आज राजधानी शिमला समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ या आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर धूप खिलने की संभावना है।

अगले पांच दिन कमजोर रहेगा मानसून, 12 सितंबर तक बारिश का अलर्ट नहीं

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिन तक मानसून कमजोर रहेगा। 12 सितंबर तक किसी भी जिले के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि इस दौरान कुछेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। इससे मैदानी इलाकों के तापमान में दो से तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। तापमान बढ़ने के कारण दिन के समय लोगों को उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।

सोमवार रात सिरमौर के पच्छाद में 48.2 मिलीमीटर, मंडी के मारुति देवी में 46.0 मिलीमीटर और शिमला में 3.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मानसून की विदाई में अभी दो से तीन सप्ताह का समय

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि प्रदेश से मानसून की विदाई में अभी दो से तीन सप्ताह का समय लगेगा। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई की सामान्य तारीख 25 सितंबर है।

उन्होंने कहा कि भले ही अभी मानसून की विदाई नहीं हो रही है, लेकिन फिलहाल बहुत भारी बारिश के आसार नहीं हैं। हालांकि 13 सितंबर से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर एक बार फिर शुरू हो सकता है।

इससे संकेत है कि अगले कुछ दिनों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने के बाद प्रदेश में बारिश का दौर दोबारा सक्रिय हो सकता है।

मानसून सीजन में सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से नौ फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 7 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य तौर पर 648 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 588 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

जिलावार स्थिति की बात करें तो शिमला, कुल्लू और सिरमौर में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के अन्य जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें लाहौल-स्पीति और हमीरपुर में बारिश की कमी अधिक रही है।

बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से 1,423 करोड़ की संपत्ति को नुकसान

मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक सरकारी और निजी संपत्ति को कुल 1,423 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

मानसून की बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में 123 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जबकि 490 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान हुआ है।

प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार सामने आ रही प्राकृतिक आपदाओं ने लोगों के साथ-साथ सरकारी और निजी संपत्ति के लिए भी बड़ी चुनौती पैदा की है।

मानसून सीजन में 283 लोगों की मौत

प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान विभिन्न हादसों और प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 283 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक 169 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।

इसके अलावा भूस्खलन के कारण 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि फ्लैश फ्लड में एक व्यक्ति की जान गई। पानी में डूबने से भी 15 लोगों की मौत हुई है। मानसून के दौरान अन्य हादसों और प्राकृतिक कारणों से भी लोगों की जान गई है।

एक ओर प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने से आने वाले पांच दिनों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर अब तक बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से हुए भारी नुकसान के आंकड़े मानसून की गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं। नेशनल हाईवे-5 के बहाल होने से शिमला से किन्नौर की ओर आवाजाही करने वाले लोगों को राहत मिली है, लेकिन मौसम विभाग ने 13 सितंबर से दोबारा हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है।